Tuesday, March 8, 2011

happy womens day

सबको हैप्पी वुमेन्स डे कहना चाहता हूँ. सारी माहिलाओ को, सारी बच्चियों को , सारी नारी जाति को पर क्या सबको हैप्पी कहने
भर देने से वो हैप्पी हो जाएँगी. ऐसा नही है! अगर ऐसा होता तो कोई भी महिला अपने आप को असुरिक्षित महसूस नही करती. रात की तो आप बात छोडिये दिन मैं वो महफूज़ नही है. आज कल हर कही पर पड़ने मैं आता है २१ century , नारी आजाद है नारी चाँद पर है पर क्या वो ज़मीन पर सही तरीके से है. नही! ऐसा इसलिए है की आज भी कई लोगों की मानसिकता मै अंतर नही आया है. वो आज भी उसे घर मैं देखना चाहते हैं.वो नही चाहते की वो आगे बढे, कुछ करे.
हैप्पी वुमंस डे कह कर नारी समाज का भला नही होने वाला इसके लिए कुछ करने की भी जरुरत नही सिर्फ अपनी सोच बदल दीजिये. आरक्षण देने से , मेट्रो मैं या बसों मैं सीटें रिजर्व करने से या फिर अलग से महिलाओं की कोई लाइन बना कर कुछ भी नही होने वाला. मैं तो यही चाहता हूँ की ऐसा कोई दिन मनाने की जरुरत ही ना पड़े हैप्पी वुमेन्स डे

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